हो जनजाति के बारे में कुछ खास बातेंः क्या आप जानते हैं हो समाज के बारे में कुछ खास जानकारी क्या है... ???


 हो जनजाति के बारे में कुछ खास बातेंः-

मेरा मानना ​​है कि .....!
हो जनजाति, भारत की मुंडा जातीय समूह मेसे एक है. ब्रिटिश काल में इन्हें "लाड़का" तथा कोल भी कहा जाता था. हो जनजाति के लोग जादातर झारखंड के सिंहभूम ज़िले, कोल्हान क्षेत्र और ओडिशा के क्योंझर, मयूरभंज, जाजपुर ज़िलों में रहते हैं. हो जनजाति के लोग प्रकृति के उपासक होते हैं. 

हो जनजाति की पहचान अन्य जनजातियों से अलग है, उनकी भाषा, संस्कृति,पूजा-पर्वन. रेहान-सेहेन सबसे अलग हैं. आइए जानते हैं समाज के बारे में कुछ खास जानकारी क्या है... ???
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...हो समाज के मातृभाषा "हो भाषा" हैं.

...हो जनजाति के लोग अपने ग्राम देवता 'देशाउलि' 
( Desauli ) को अपना सर्वेसर्वा मानते हैं. 

...उनका मारंग बोंगा यानि ( सर्बचोदेवता ) सिंगबोंगा (सूर्यदेवता) को मानते हैं.

...हो जनजाति के लोग सरनावाद (आदिवासी) धर्म को मानते हैं. 

...हो जनजाति के लोग खेती-बाड़ी में या तो ज़मीन के मालिक भी हैं या मज़दूर भी हैं.

 ... हो जनजाति के लोग खनन में भी लगे हुए हैं. 

 ...हो जनजाति के लोग "वारंग क्षिति" ( Warang Chiti ) लिपि का इस्तेमाल करते हैं. 

...  इतिहास कहता है, हो जनजाति ने सन.1827 में (हो) विद्रोह की शुरुआत किया था।लेकिन वे अंग्रेज़ों से हार गए था.

...हो जनजाति ने 1831 तथा कोल विद्रोह (1831-32) में छोटानागपुर क्षेत्र के मुंडाओं के साथ मिलकर अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था.

                          AIAHS COUNCIL .

    (All India Adivasi Ho Samaj Council থেকে)



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