दिशुम वा:वंगा और दिशुम वा:परब (वसंत महोत्सव) 29 और 30 मार्च 2025







अखिल भारतीय आदिवासी हो समाज परिषद के प्रबंधन के तहत नारायणगढ़ ब्लॉक के बराकलंकाई गांव में दिशुम वा:वंगा और दिशुम वा:परब (वसंत महोत्सव) का आयोजन किया गया। 
इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न ब्लॉकों के 82 गांवों के हातु मुडा, मानकी मुडा और ब्लॉक समिति के सदस्य उपस्थित थे। 

और उपस्थित थे हो समाज परिषद के संस्थापक राजू सिंकू अध्यक्ष बीरेन तुबिद, इस कार्यक्रम में सलाहकार समिति के सदस्य रामेन आल्डा, सागर जामुदा सहित कार्तिक बर्गे, श्यामल पुर्थी, गणेश बोदरा, प्रशांत लागौरी, कृष्णेंदु हेम्ब्रम, कार्तिक बांकिरा, बापन चतर, सुब्रत लागौरी, तापसी हेम्ब्रम, श्रेया लागौरी, मंगल बोदरा, मंगल तिरिया, शुवेंदु केराई सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, वकील और बुद्धिजीवी उपस्थित थे। 
हो समुदाय के लगभग 8 हजार लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विभिन्न हातु मुडा और मानकी मुडा को सम्मानित किया गया तथा वारंग चिति लिपि को बढ़ावा देने के लिए मुख्य मंच पर हो भाषा की वारंग चिति लिपि प्रदर्शित की गई।
हो जाति विलुप्त न हो जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न खेल प्रस्तुत किए जाते हैं जैसे तलाई बुनाई, शॉल पत्ती की पट्टियाँ बनाना, रंग दौड़, चित्रकला प्रतियोगिता, धम्सा मादल के माध्यम से नृत्य प्रतियोगिता आदि।
इस आयोजन का उद्देश्य वा:वंगा (पूजा) और हो भाषा तथा इस प्रकार हो समाज की संस्कृति को संरक्षित करना था, ताकि यह लुप्त न हो जाए।
हमारे संगठन का लक्ष्य प्रत्येक गांव में एक स्वशासन प्रणाली स्थापित करना, अपनी स्वयं की लिपि को बढ़ावा देना, सरकार से इस भाषा को मान्यता दिलवाना, हो भाषा में आधिकारिक रूप से पुस्तकें छपवाना तथा हो राष्ट्र के लिए एक विकास बोर्ड का निर्माण करना है।
यह आयोजन 29 और 30 मार्च, 2025 को आयोजित किया गया था ।



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